आज दिनांक 06 सितम्बर 2026 को प्रभारी सचिव, बक्सर-सह-सचिव, ऊर्जा विभाग ने जिला पदाधिकारी, बक्सर श्रीमती साहिला एवं अन्य वरीय पदाधिकारियों के साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण एवं स्थलीय निरीक्षण किया।
निरीक्षण के क्रम में प्रभारी सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं दुरुस्त रखी जाएं।
प्रभावित लोगों को भोजन, पेयजल, चिकित्सा सुविधा एवं अन्य आवश्यक सामग्री समय पर उपलब्ध कराई जाए। नाव, नाविक एवं गोताखोरों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित रखते हुए आवश्यकता पड़ने पर उनका तत्काल उपयोग करने का निर्देश दिया गया।
उन्होंने बाढ़ प्रमंडल के अधिकारियों को जलस्तर पर लगातार नजर रखने का निर्देश दिया। जलस्तर में वृद्धि अथवा कमी की स्थिति की नियमित निगरानी करते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल सूचित करने तथा आवश्यकता के अनुसार त्वरित राहत एवं बचाव कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ ही, तटबंधों एवं संवेदनशील स्थलों की लगातार निगरानी करते हुए कटाव की स्थिति में तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।
अनुमंडल पदाधिकारी, डुमरांव को अनुमंडल स्तर पर संचालित नियंत्रण कक्ष के माध्यम से बाढ़ की स्थिति की सतत निगरानी करने का निर्देश दिया गया। वहीं, जिला स्तर पर 24×7 कार्यरत जिला आपातकालीन संचालन केंद्र (DEOC) के माध्यम से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी एवं सभी संबंधित विभागों के साथ प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करने को कहा गया।
इस अवसर पर जिला पदाधिकारी ने बताया कि बाढ़ प्रभावित एवं संभावित प्रभावित क्षेत्रों में माइकिंग के माध्यम से आमजनों को लगातार जागरूक किया जा रहा है। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने, प्रशासन द्वारा जारी आवश्यक सावधानियों का पालन करने तथा किसी भी आपात स्थिति में संबंधित नियंत्रण कक्ष को सूचना देने के संबंध में लगातार जानकारी दी जा रही है।
प्रभारी सचिव ने सिविल सर्जन को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक जीवनरक्षक एवं अन्य जरूरी दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा आवश्यकता पड़ने पर मेडिकल टीम की तैनाती के निर्देश दिए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को बाढ़ के दौरान उत्पन्न होने वाली संभावित स्वास्थ्य समस्याओं को ध्यान में रखते हुए आवश्यक तैयारियां रखने को कहा।
जिला पशुपालन पदाधिकारी को बाढ़ प्रभावित पशुपालकों के पशुओं के लिए पर्याप्त मात्रा में चारा उपलब्ध कराने तथा आवश्यकता के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों तक चारा पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
प्रभारी सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित लोगों की समस्याओं का त्वरित एवं संवेदनशीलता के साथ निराकरण किया जाए। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए किसी भी आपात परिस्थिति से निपटने के लिए आवश्यक संसाधन एवं मानवबल तैयार रखें।
निरीक्षण के क्रम में अपर समाहर्ता बक्सर, अनुमंडल पदाधिकारी डुमरांव, सहायक आपदा प्रबंधन पदाधिकारी बक्सर, संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी, संबंधित अंचलाधिकारी, संबंधित थानाध्यक्ष, बाढ़ प्रमंडल के पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।



Post a Comment