आज दिनांक 08 अक्टूबर 2026 को जिला पदाधिकारी बक्सर, श्रीमती साहिला की अध्यक्षता में जिला कृषि टास्क फोर्स तथा कृषि एवं कृषि संबद्ध विभागों—सहकारिता, मत्स्य एवं पशुपालन विभाग की समीक्षा बैठक समाहरणालय परिसर स्थित सभाकक्ष में आयोजित की गई।
बैठक में जिले के कृषकों को सुगमतापूर्वक उर्वरक उपलब्ध कराने के संबंध में जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि *FSAS App* के माध्यम से उर्वरक प्राप्त करने की प्रक्रिया के संबंध में प्रखंड एवं पंचायत स्तर पर व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाए। कृषकों को QR कोड के माध्यम से उचित मूल्य पर उर्वरक प्राप्त करने की प्रक्रिया से अवगत कराने हेतु आवश्यक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
उर्वरक नमूना संग्रह की समीक्षा के क्रम में जैव उर्वरक के नमूना संग्रह की उपलब्धि शून्य पाए जाने पर सहायक निदेशक, पौधा संरक्षण; सहायक निदेशक (रसायन) तथा अनुमंडल कृषि पदाधिकारी, बक्सर/डुमराँव को निर्देश दिया गया कि दो दिनों के अंदर निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप नमूना संग्रह कर प्रयोगशाला में भेजना सुनिश्चित करें।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की समीक्षा के दौरान प्रखंड कृषि पदाधिकारियों एवं कृषि समन्वयकों को शत-प्रतिशत e-KYC सत्यापन का कार्य पूर्ण करना सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
लघु सिंचाई विभाग की समीक्षा के क्रम में कार्यपालक अभियंता को अकार्यरत नलकूपों की स्थिति एवं उनके अकार्यरत रहने के कारणों की स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। वहीं, लघु सिंचाई विभाग के उद्वह सिंचाई योजना की कार्य प्रगति मात्र 4.8 प्रतिशत पाए जाने पर इसे असंतोषजनक मानते हुए संबंधित कार्यपालक अभियंता को स्पष्टीकरण समर्पित करने का निर्देश दिया गया।
जिले में टमाटर, आलू, प्याज एवं मौसमी फलों के उत्पादन वाले प्रखंडों को चिह्नित कर वहां छोटी प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना हेतु आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। साथ ही संबंधित क्षेत्रों के कृषकों को समूह के रूप में टमाटर, आलू एवं प्याज के उत्पादन से जोड़ते हुए सभी कृषकों को *किसान उत्पादक संगठन (FPO)* से जोड़ने पर जोर दिया गया, ताकि सामूहिक रूप से थोक खरीद एवं बिक्री के माध्यम से कृषकों को बेहतर मूल्य एवं अधिक लाभ प्राप्त हो सके।
जिला पदाधिकारी ने स्थानीय स्तर पर कृषि उपज के मूल्य संवर्धन एवं प्रसंस्करण को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। इसके तहत टमाटर से केचप, सॉस, सूखा पाउडर एवं प्यूरी, आलू से चिप्स एवं नमकीन तथा प्याज को सुखाकर प्याज पाउडर तैयार करने की संभावनाओं पर कार्य करने का निर्देश दिया गया।
जिला उद्यान पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि टमाटर, आलू एवं प्याज उत्पादक प्रखंडों में कृषकों के क्लस्टर तैयार कराएं, ताकि इन फसलों पर आधारित प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन इकाइयों की स्थापना को प्रोत्साहित किया जा सके।
सोन नहर प्रमंडल, बक्सर द्वारा जगदीशपुर राजवाहा की सफाई से संबंधित वस्तुस्थिति की स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं कराने तथा कार्यपालक अभियंता, विक्रमगंज द्वारा डुमराँव लाइन में अपेक्षाकृत कम मात्रा में पानी उपलब्ध कराए जाने के मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित पदाधिकारियों को स्पष्टीकरण समर्पित करने का निर्देश दिया गया।
उप परियोजना निदेशक, आत्मा को निर्देश दिया गया कि कृषकों को नवाचार आधारित कृषि पद्धतियों के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए नवाचार करने वाले कृषकों के खेतों का भ्रमण कराया जाए। भ्रमण के दौरान संबंधित कृषकों द्वारा अपनाई गई कृषि पद्धति, उसकी तकनीकी प्रक्रिया एवं उससे प्राप्त होने वाले लाभों की जानकारी अन्य कृषकों को दी जाए। साथ ही राज्य के बाहर प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके कृषकों को अपने खेतों पर प्रशिक्षण में सीखी गई नवाचार आधारित कृषि पद्धतियों को अपनाने एवं अन्य कृषकों को भी प्रेरित करने हेतु प्रोत्साहित करने का निर्देश दिया गया।
अंत में जिला पदाधिकारी ने कृषि एवं कृषि संबद्ध विभागों के पदाधिकारियों को विगत बैठकों में दिए गए सभी निर्देशों का *शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने तथा निर्धारित समय-सीमा में कार्यों को पूर्ण करने का निर्देश दिया।

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