बक्सर। भगवान वामन की पावन धरती बक्सर में बुधवार को वामन द्वादशी का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इस विशेष अवसर पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी बक्सर पहुंचे और भगवान वामन मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर प्रशासन की ओर से सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं के व्यापक इंतजाम किए गए थे।
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| भगवान वामन |
मुख्यमंत्री निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार बक्सर पहुंचे और सीधे भगवान वामन मंदिर जाकर दर्शन-पूजन किया। वामन द्वादशी के अवसर पर मंदिर और आसपास के क्षेत्र में श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही। धार्मिक आयोजन को लेकर शहर में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला।
धार्मिक आस्था के साथ विकास पर भी रहा फोकस
भगवान वामन मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद मुख्यमंत्री का कार्यक्रम केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं रहा। इसके बाद उन्होंने चुरामनपुर पंचायत सरकार भवन पहुंचकर विभिन्न विकास योजनाओं की जानकारी ली। कार्यक्रम के दौरान जीविका भवन का निरीक्षण तथा स्थानीय लाभुकों और जीविका दीदियों से संवाद का कार्यक्रम भी रखा गया था। साथ ही विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉल और सोन नहर से संबंधित प्रस्तावित परियोजनाओं की जानकारी ली गई।
सुरक्षा के रहे व्यापक इंतज़ाम
ख्यमंत्री के दौरे और वामन द्वादशी मेले को लेकर जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम स्थल और मुख्यमंत्री के यात्रा मार्ग को कई सेक्टरों में बांटकर पुलिस अधिकारियों एवं दंडाधिकारियों की तैनाती की गई थी। यातायात व्यवस्था को भी नियंत्रित किया गया।
धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन ने बढ़ाई रौनक
वामन द्वादशी के अवसर पर बक्सर में धार्मिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियां भी आयोजित की गईं। भगवान वामन की रथ यात्रा को लेकर भी विशेष तैयारियां की गई थीं। आयोजन में धार्मिक झांकियों, साधु-संतों और बाल बटुकों की भागीदारी की योजना रही, जिससे पूरे आयोजन की रौनक बढ़ी।
भगवान वामन से जुड़ी धार्मिक मान्यताओं के कारण बक्सर में इस पर्व का विशेष महत्व माना जाता है। मुख्यमंत्री के आगमन और पूजा-अर्चना से इस वर्ष का वामन द्वादशी आयोजन प्रशासनिक और धार्मिक दोनों दृष्टि से विशेष चर्चा में रहा।


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