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बक्सर की गंगा को मिला नया शहरी दृष्टिकोण:


*बक्सर की गंगा को मिला नया शहरी दृष्टिकोण: 9वें इंडिया इंटरनेशनल वॉटर वीक में बक्सर की शहरी नदी प्रबंधन योजना का शुभारंभ*


बक्सर के लिए तैयार की गई नदी-केंद्रित रूपरेखा पारिस्थितिक पुनर्स्थापन, सांस्कृतिक विरासत और शहरी विकास को एक साथ लाने का प्रयास करती है, जिससे बिहार में नदी-संवेदी शहरी प्रबंधन की दिशा में बक्सर एक उदाहरण के रूप में उभर सके।







बक्सर की शहरी नदी प्रबंधन योजना का औपचारिक शुभारंभ 9वें इंडिया इंटरनेशनल वॉटर वीक 2026 (22-26 सितंबर) के दौरान भारत मंडपम, नई दिल्ली में किया गया। यह पहल नदी के स्वास्थ्य को शहर के भावी विकास के साथ एकीकृत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।


यह पहल को राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन , जल शक्ति मंत्रालय तथा राष्ट्रीय नगर कार्य संस्थान, आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा विश्व बैंक के सहयोग से संयुक्त रूप से आगे बढ़ाया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य गंगा बेसिन के शहरों में शहरी नियोजन के लिए नदी-केंद्रित दृष्टिकोण को मुख्यधारा में लाना है। यह केवल नदी की सफाई तक सीमित पारंपरिक दृष्टिकोण से आगे बढ़ते हुए शहरी नदियों के पर्यावरणीय, आर्थिक और सामाजिक आयामों के एकीकृत प्रबंधन पर केंद्रित है।

 इसके माध्यम से नदी-संवेदी शासन की दिशा में सक्रिय कदम उठाने वाला बक्सर बिहार का पहला शहर है।


9वें इंडिया इंटरनेशनल वॉटर वीक 2026 का आयोजन जल शक्ति मंत्रालय द्वारा 22 से 26 सितंबर 2026 तक  जलवायु-सक्षम जल प्रबंधन विषय पर किया गया। इस आयोजन में नीति-निर्माताओं, अंतरराष्ट्रीय संगठनों, विकास साझेदारों, शोधकर्ताओं, विशेषज्ञों और जल प्रबंधन के क्षेत्र से जुड़े विभिन्न हितधारकों ने भाग लिया।


*बक्सर के शहरी भविष्य के केंद्र में गंगा नदी*

बक्सर के लिए यह परिकल्पना जिला पदाधिकारी- सह - अध्यक्ष ,जिला गंगा समिति, श्रीमती साहिला के नेतृत्व में एक सरल लेकिन महत्वपूर्ण विचार पर आधारित है।गंगा नदी बक्सर की पहचान, संस्कृति, पारिस्थितिकी और भविष्य का अभिन्न हिस्सा है।


इसी दष्टिकोण के आधार पर यह  बक्सर के लिए एक ऐसे पवित्र नदी तट की परिकल्पना की गई है, जो पारिस्थितिक एवं सांस्कृतिक संरक्षण के माध्यम से विकसित हो और जहां नदी संरक्षण तथा शहरी विकास एक-दूसरे के पूरक बनें।


*नालों से पारिस्थितिक गलियारों की ओर:-*


बक्सर URMP का एक महत्वपूर्ण घटक सोन नहर कॉरिडोर का स्थान-विशिष्ट पारिस्थितिक हस्तक्षेपों के माध्यम से पुनरूपांकन है।


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