आज29 जुलाई 2026 को जिला पदाधिकारी बक्सर, श्रीमती साहिला के द्वारा आम्रपाली कला प्रशिक्षण केंद्र का निरीक्षण किया गया।
इस अवसर पर आयोजित *गुरु पूर्णिमा समारोह* में भी उन्होंने सहभागिता की तथा गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं गुरु वंदना के साथ हुआ।
प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों ने शास्त्रीय नृत्य, संगीत एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपने गुरुजनों के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त की।
जिला पदाधिकारी ने गुरुजनों को संबोधित किया तथा विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दीं
अपने संबोधन में जिला पदाधिकारी ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च है। गुरु केवल ज्ञान ही नहीं देते, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण एवं जीवन मूल्यों का भी मार्गदर्शन करते हैं। उन्होंने कहा कि आम्रपाली कला प्रशिक्षण केंद्र जिले की प्रतिभाओं को निखारने, कला एवं संस्कृति के संरक्षण तथा युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है।
निरीक्षण के दौरान जिला पदाधिकारी ने प्रशिक्षण केंद्र में संचालित विभिन्न कला विधाओं, प्रशिक्षण व्यवस्था, आधारभूत सुविधाओं एवं उपलब्ध संसाधनों का अवलोकन किया।
उन्होंने प्रशिक्षकों एवं संबंधित पदाधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण एवं व्यवहारिक प्रशिक्षण सुनिश्चित करने तथा आवश्यक सुविधाओं के विस्तार के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
जिला पदाधिकारी ने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों से संवाद स्थापित कर उनके अनुभवों एवं उपलब्धियों की जानकारी ली तथा उन्हें निरंतर अभ्यास, अनुशासन एवं समर्पण के साथ अपनी प्रतिभा को विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन बक्सर कला संस्कृति एवं शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। आम्रपाली कला प्रशिक्षण केंद्र जैसे संस्थान युवाओं को कला के दृष्टिकोण से नए अवसर भी उपलब्ध करा रहे हैं।
इस अवसर पर उप विकास आयुक्त बक्सर, सहायक समाहर्ता बक्सर, जिला कला संस्कृति पदाधिकारी बक्सर, प्रशिक्षण केंद्र के प्रशिक्षक, गुरुजन, विद्यार्थी उपस्थित थे।


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