देश की आजादी के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बक्सर डाक मंडल परिसर में देशभक्ति एवं उत्साह के वातावरण में ध्वजारोहण समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर डाक अधीक्षक, बक्सर मंडल कुमारी सरिता ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया तथा उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएँ दीं।
अपने संबोधन में डाक अधीक्षक कुमारी सरिता ने कहा कि भारत की स्वतंत्रता अनगिनत स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, संघर्ष और बलिदान का परिणाम है। स्वतंत्रता के इस गौरवपूर्ण अवसर पर हमें न केवल राष्ट्र की उपलब्धियों और स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को स्मरण करना चाहिए, बल्कि अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों के प्रति भी संकल्पित होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि “हम स्वतंत्र हैं, लेकिन स्वतंत्रता की सच्ची सार्थकता तभी होगी, जब प्रत्येक कर्मचारी अपने दायित्व का निर्वहन पूरी निष्ठा, ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ करते हुए जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देगा। डाक विभाग का ‘डाक सेवा, जन सेवा’ केवल एक स्लोगन नहीं, बल्कि हमारी कार्यसंस्कृति और सेवा भावना का मूल मंत्र होना चाहिए।”
डाक अधीक्षक ने कहा कि डाकघर आमजन के जीवन से सीधे जुड़ा हुआ महत्वपूर्ण जनसेवा संस्थान है। इसलिए प्रत्येक डाककर्मी का व्यवहार, कार्यशैली और सेवा के प्रति समर्पण विभाग के प्रति आम जनता के विश्वास को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से आह्वान किया कि वे जनता की समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ समझें तथा उनका त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करें। साथ ही डाक विभाग की सेवाओं को अधिक सरल, सुगम, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने के लिए निरंतर प्रयास करें।
समारोह के दौरान अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने राष्ट्रहित एवं जनहित को सर्वोपरि रखते हुए अपने कर्तव्यों का ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण के साथ निर्वहन करने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर यह संदेश दिया गया कि “डाक सेवा, जन सेवा” केवल विभाग का स्लोगन नहीं, बल्कि प्रत्येक डाककर्मी के कार्य, व्यवहार और सेवा भावना में दिखाई देने वाला संकल्प है। आम जनता की संतुष्टि, शिकायतों का त्वरित समाधान और बेहतर सेवा ही डाक विभाग की वास्तविक सफलता है।



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