आज दिनांक 18 अगस्त 2026 को जिला पदाधिकारी बक्सर, श्रीमती साहिला की उपस्थिति में भोजपुर की दंपति को लगभग आठ माह की मासूम बच्चा को समाहरणालय परिसर अवस्थित कार्यालय कक्ष में दिया गया।
बच्चा को पाकर दंपति के आँखों से खुशी के आँसू छलक आये। आज बच्चा को ममता का आँचल नसीब हुआ। विदित हो कि जिन नवजात बच्चों को लावारिस छोड़ दिया जाता है उसे विशिष्ट दतक ग्रहण संस्थान में रखा जाता है, जहाँ इनका पालन-पोषण होता है। निःसंतान दंपति भारत सरकार की ओर से संचालित कारा की वेबसाइट www.cara.wcd.gov.in पर दत्तक ग्रहण हेतु आवेदन कर सकते हैं। उन्हें अपना आधार कार्ड, वोटर कार्ड, ड्राईविंग लाइसेंस, पासपोर्ट, जन्म प्रमाण पत्र आदि के साथ निबंधन कराना होता है।
दत्तक ग्रहण के लिए आवश्यक दस्तावेजों को 30 दिनों के अंदर केयरिंग पोर्टल पर अपलोड किया जाता है। गृह अध्ययन रिपोर्ट, प्रतीक्षा सूची, मिलान प्रक्रिया, बच्चों का आरक्षण स्वीकृति, याचिका और भावी दत्तक माता-पिता के शारीरिक, मानसिक एवं भावनात्मक रूप से दृढ़ता, वित्तीय सक्षमता एवं दत्तक ग्रहण प्रेरणा, गंभीर बीमारियों से संबंधित दस्तावेज, दंपत्ति की दशा में पति-पत्नी दोनों की सहमति, दंपति के कम से कम दो वर्ष स्थिर वैवाहित संबंध जरूरी है।


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