सर्वप्रथम जिला पदाधिकारी द्वारा PNG कनेक्शन से संबंधित समीक्षा की गई। इस संदर्भ में जिला आपूर्ति पदाधिकारी बक्सर द्वारा बताया गया कि PNG गैस की आपूर्ति डुमराँव अनुमण्डल में PESO के अनुमोदन के उपरांत जल्द ही शुरू हो जाएगी।
बक्सर अनुमण्डल में PNG के विस्तार सम्बंधित District Regulatory station की स्थापना हेतु जिला आपूर्ति पदाधिकारी बक्सर को स्मार पत्र भेजने हेतु निर्देशित किया गया।
श्रावणी मेला की तैयारियों की समीक्षा के क्रम में बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा को लेकर व्यापक चर्चा की गई।
जिला प्रशासन द्वारा मेला क्षेत्र में यातायात प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाओं, पेयजल आपूर्ति, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था, अस्थायी शौचालय, चिकित्सा शिविर तथा नियंत्रण कक्ष की स्थापना से संबंधित तैयारियों की समीक्षा की गई।
पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था तथा संवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए।
आपदा प्रबंधन विभाग को किसी भी आकस्मिक परिस्थिति से निपटने के लिए त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र सक्रिय रखने को कहा गया।
जिला पदाधिकारी ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध तरीके से तैयारियां पूर्ण करने का निर्देश दिया।
बैठक में मानसून के आगमन के उपरांत जिले में संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियों की समीक्षा की गई।
जिला पदाधिकारी ने जल संसाधन, आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य, पशुपालन, पीएचईडी तथा अन्य संबंधित विभागों को संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर अग्रिम तैयारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही तटबंधों की स्थिति, राहत शिविरों की उपलब्धता, नावों एवं बचाव उपकरणों की व्यवस्था, खाद्यान्न एवं अन्य राहत सामग्रियों का भंडारण तथा आपातकालीन संचार व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने पर विशेष बल दिया गया।
जिला पदाधिकारी ने राहत एवं बचाव दल का गठन, संकटग्रस्त व्यक्तियों की पहचान तथा पंचायत स्तरीय बाढ़ राहत अनुश्रवण सह निगरानी समिति, स्थानीय जनप्रतिनिधि, पंचायत सचिव के साथ बैठक यथाशीघ्र करने हेतु संबंधित पदाधिकारी को निर्देशित किया है।
कार्यपालक पदाधिकारी सभी नगर निकाय को निर्देशित किया गया है कि सभी नालों की उड़ाही अविलंब कराना सुनिश्चित करेंगे। इसके साथ ही कम वर्षा की स्थिति में उत्पन्न होने वाली सुखाड़ की संभावना पर भी चर्चा की गई।
कृषि विभाग को किसानों के बीच वैकल्पिक फसलों, सूखा-रोधी कृषि तकनीकों तथा सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाने का निर्देश दिया गया। सिंचाई संसाधनों के बेहतर उपयोग तथा कृषि कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए, इसके लिए आवश्यक कदम उठाने पर बल दिया गया।
बैठक में जिले में आयोजित होने वाली NEET (UG) परीक्षा के शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं कदाचारमुक्त संचालन को लेकर भी विस्तृत समीक्षा की गई। परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी, पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, यातायात नियंत्रण, विद्युत आपूर्ति तथा परीक्षार्थियों की सुविधा से संबंधित तैयारियों की जानकारी ली गई।
जिला पदाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को परीक्षा संचालन के लिए जारी दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। परीक्षा केंद्रों के आसपास अनावश्यक भीड़ को नियंत्रित करने, विधि-व्यवस्था बनाए रखने तथा परीक्षार्थियों को समय पर परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में किसी प्रकार की कठिनाई न हो, इसके लिए विशेष व्यवस्था करने को कहा गया।
जिला पदाधिकारी द्वारा सभी केंद्राधीक्षक को निर्देशित किया कि परीक्षा से संबंधित सभी आवश्यक तैयारी करना सुनिश्चित करेंगे साथ ही यातायात का व्यवस्थित प्रबन्धन करने हेतु अनुमंडल पदाधिकारी बक्सर को निर्देशित किया गया।
जिला पदाधिकारी ने कहा कि बाढ़, सुखाड़, श्रावणी मेला एवं विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे महत्वपूर्ण आयोजनों के सफल प्रबंधन के लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को सतर्क एवं सक्रिय रहते हुए सभी तैयारियां समय पर पूर्ण करने तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
जिला जन सम्पर्क कार्यालय
बक्सर।
@IPRDBihar

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