आज दिनांक 28 अगस्त 2026 को जिला पदाधिकारी बक्सर, श्रीमती साहिला की अध्यक्षता में टीबी मुक्त भारत अभियान एवं एनीमिया मुक्त भारत अभियान की समीक्षा बैठक समाहरणालय परिसर स्थित सभाकक्ष में की गई।
बैठक में जिला पदाधिकारी ने दोनों अभियानों के उद्देश्यों, अब तक की प्रगति तथा जमीनी स्तर पर किए जा रहे कार्यों की विस्तृत समीक्षा की।
उन्होंने संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का निर्देश दिया।
जिला पदाधिकारी द्वारा सिविल सर्जन बक्सर को माइक्रो प्लान बनाने का निर्देश दिया गया। साथ ही प्रतिदिन फॉलोअप करने का भी निर्देश दिया गया।
टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत टीबी मरीजों की पहचान, जांच, उपचार, निक्षय पोषण योजना, मरीजों की नियमित दवा सेवन की निगरानी तथा उपचार के दौरान आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने की स्थिति की समीक्षा की गई।
जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि टीबी के संभावित मरीजों की समय पर पहचान कर उनकी जांच एवं उपचार सुनिश्चित किया जाए। विशेष रूप से ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में जागरूकता एवं स्क्रीनिंग गतिविधियों को और प्रभावी बनाने पर बल दिया गया।
उन्होंने कहा कि टीबी की रोकथाम एवं उन्मूलन के लिए केवल स्वास्थ्य विभाग ही नहीं, बल्कि पंचायती राज संस्थाओं, शिक्षा विभाग, आईसीडीएस, जीविका, नगर निकायों तथा अन्य संबंधित विभागों की भी सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
*एनीमिया मुक्त भारत अभियान की समीक्षा*
बैठक में एनीमिया मुक्त भारत अभियान के तहत बच्चों, किशोर-किशोरियों, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं सहित लक्षित लाभार्थियों में एनीमिया की पहचान, जांच, उपचार एवं रोकथाम के लिए संचालित गतिविधियों की भी समीक्षा की गई।
जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि आंगनबाड़ी केंद्रों, विद्यालयों, स्वास्थ्य संस्थानों एवं अन्य उपयुक्त माध्यमों के जरिए लक्षित समूहों तक आयरन एवं फोलिक एसिड (IFA) की उपलब्धता एवं सेवन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, एनीमिया की जांच एवं आवश्यकता के अनुसार उपचार की व्यवस्था को प्रभावी बनाया जाए।
उन्होंने कहा कि एनीमिया की रोकथाम के लिए केवल दवा का सेवन ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि लोगों को पोषणयुक्त एवं संतुलित आहार, स्वच्छता, व्यक्तिगत स्वास्थ्य तथा नियमित स्वास्थ्य जांच के प्रति भी जागरूक करना आवश्यक है।
जिला पदाधिकारी ने कहा कि स्वास्थ्यकर्मियों, आशा कार्यकर्ताओं, आंगनबाड़ी सेविकाओं, सहायिकाओं, एएनएम, जीविका दीदियों एवं अन्य फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं के माध्यम से लोगों तक अभियान का संदेश पहुंचाने का निर्देश दिया।
बैठक में सिविल सर्जन बक्सर, डीपीएम स्वास्थ्य, संबंधित चिकित्सा पदाधिकारी, प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी एवं अन्य संबंधित अधिकारी/कर्मी उपस्थित थे।


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